भूकम्प संभाव्यता क्षेत्र एवं तैयारी उपाय

भारत विश्व के सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक है, क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है। प्लेटों का निरंतर अभिसरण भारत के कई हिस्सों को विभिन्न तीव्रता वाले भूकंपों के प्रति संवेदनशील बनाता है। भूकंपीय जोखिम क्षेत्रीयकरण इन क्षेत्रों की पहचान और वर्गीकरण करता है, जिससे अवसंरचना योजना और आपदा तैयारी को दिशा मिलती है।

भूकंपीय जोखिम क्षेत्रीयकरण क्या है?

  • यह संभावित भूकंपों की तीव्रता और आवृत्ति के आधार पर क्षेत्रों का वर्गीकरण है।
  • इसमें भूकंपीय-टेक्टोनिक आँकड़े, भू-गति अध्ययन, भ्रंश रेखाएँ और ऐतिहासिक भूकंप अभिलेख सम्मिलित किए जाते हैं।
  • इसका उद्देश्य संरचनात्मक ....
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