"भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण खनिजों एवं संसाधनों का हथियारीकरण (Weaponization of Critical Resources) वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए नई चुनौती बनकर उभरा है।" हीलियम संकट के संदर्भ में इस कथन की समालोचनात्मक समीक्षा कीजिए। (250 शब्द)

वैश्विक भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के वर्तमान दौर में ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements) तथा हीलियम जैसे महत्वपूर्ण संसाधन (Critical Resources) रणनीतिक शक्ति के साधन बनते जा रहे हैं। चीन द्वारा हीलियम निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध ने इस प्रवृत्ति को और स्पष्ट किया है।

हीलियम संकट के संदर्भ में संसाधनों का हथियारीकरण

  • आपूर्ति शृंखला पर नियंत्रण: निर्यात प्रतिबंध के माध्यम से वैश्विक उद्योगों पर दबाव बनाना।
  • सेमीकंडक्टर उद्योग पर प्रभाव: चिप निर्माण में हीलियम की अनिवार्य भूमिका के कारण इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
  • स्वास्थ्य क्षेत्र पर असर: MRI मशीनों एवं चिकित्सा अनुसंधान की लागत बढ़ने की संभावना।
  • अंतरिक्ष ....
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