"नागरिकता से संबंधित विवाद केवल प्रक्रियागत त्रुटियों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस साक्ष्यों एवं निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय किए जाने चाहिए।" सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के आलोक में इस कथन की विवेचना कीजिए। (250 शब्द)

भूमिका:

हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के 27 निर्णयों को निरस्त करते हुए कहा कि नागरिकता का निर्धारण केवल निष्पक्ष, वैधानिक एवं न्यायसंगत प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जा सकता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रक्रियागत कमियों के आधार पर किसी व्यक्ति को नागरिकता से वंचित नहीं किया जा सकता।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के प्रमुख आधार

  • प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत (Natural Justice): प्रत्येक व्यक्ति को कार्यवाही की उचित सूचना तथा अपना पक्ष रखने का वास्तविक अवसर मिलना चाहिए।
  • अनुच्छेद 21 का संरक्षण:नागरिकता का प्रश्न जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा है, अतः ....
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