हाइड्रोजेल-आधारित कैंसर उपचार पद्धति

18 मार्च, 2019 को प्रकाशित ‘एसीएस एप्लाइड बायो मैटेरियल्स’ (ACS Applied Bio Materials) भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा विकसित, हाइड्रोजेल-आधारित कैंसर उपचार की नई पद्धति विकसित की है, जो कैंसर रोगियों में कीमोथेरेपी उपचार के दौरान स्वस्थ कोशिकाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोकने में मददगार हो सकती है। बीएचयू (Banaras Hindu University) के शोधकर्ताओं द्वारा किये गए इस अध्ययन के निष्कर्ष ‘एसीएस एप्लाइड बायो मैटेरियल्स’ (ACS Applied Bio Materials) नामक जर्नल में 18 मार्च, 2019 को प्रकाशित किये गए। शोधकर्ताओं में प्रो- प्रलय मैती, अपर्णा शुक्ला, अखंड प्रताप सिंह, तारकेश्वर दुबे एवं शिवा हेमलता शामिल हैं। इस नई उपचार पद्धति में साइक्लोडेक्स्टि्रन (cyclodextrin) और पॉलियूरेथेन (polyurethane) नामक पॉलिमर्स के उपयोग से एक जटिल संरचना का निर्माण किया गया है। पॉलिमर्स से बनी यह संरचना कैंसर रोगियों के शरीर में दवा को नियंत्रित तरीके से धीरे-धीरे फैलाने में मदद करती है, जिसके कारण दवा का प्रभाव बढ़ जाता है।

कीमोथेरपी

  • कीमोथेरेपी में एक या अधिक दवाओं का मिश्रण दिया जाता है। ये दवाएं कैंसर कोशिकाओं को विभाजित होने और बढ़ने से रोकती हैं। हालांकि स्वस्थ कोशिकाओं को ये दवाएं नष्ट भी कर सकती हैं। कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाली दवाएं शरीर में अनियंत्रित रूप से तेजी से फैलने लगती हैं।
  • इस तरह अचानक दवा के फैलने से आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान हो सकता है। नई पॉलिमर संरचना इस समस्या से निपटने में मददगार हो सकती है।
  • शोधकर्ताओं ने जानवरों में कैंसर-रोधी दवा पैक्लिटैक्सेल के उपयोग से इस संरचना को जैविक ऊतकों के अनुकूल पाया है।


सेल्यूलोज नैनो फाइबर

  • भारतीय शोधकर्ताओं ने एक ऐसा ईको-फ्रेंडली फॉर्मूला (सेल्यूलोज नैनो फाइबर) तैयार किया है, जिसकी मदद से खेतों में रसायनों का छिड़काव नियंत्रित तरीके से किया जा सकता है।
  • वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की पुणे स्थित नेशनल केमिकल लैबोरेटरी (NCL) के शोधकर्ताओं ने गन्ने की पेराई के बाद बचे अपशिष्ट, मक्का स्टार्च और यूरिया फॉर्मेल्डहाइड को मिलाकर खास नैनो-कम्पोजिट दाने (ग्रैन्यूल्स- granules) बनाए हैं।
  • ग्रेन्यूल्स के भीतर एक कीट प्रतिरोधी रसायन डाइमेथिल फाथेलेट (Dimethyl Phthalate - DMP) और परजीवी रोधी दवा एक्टो-पैरासिटाइडिस को समाहित किया गया है।
  • इस नये नियंत्रित रिलीज फॉर्मूलेशन सिस्टम की मदद से वांछित समय में कीटनाशकों को रिलीज किया जा सकता है और उन्हें जरूरत के अनुसार सही जगह तक पहुंचाया जा सकता है।