ओडिशा का लिंगराज मंदिर
ओडिशा में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारियों ने संगठन के महानिदेशक से 12वीं शताब्दी के लिंगराज मंदिर के आस-पास भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा हाल ही में किये गए विध्वंस की जांच की मांग की है।
स्मारकों के संरक्षण व सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
मंदिर के चारों ओर की 2 एकड़ भूमि पर स्थित संरचनाओं को बीडीए द्वारा ध्वस्त किये जाने के बाद एएसआई के अधिकारियों ने मंदिर के पास एक वैज्ञानिक परिशोधन अभ्यास के दौरान एक प्रतिमा के अवशेष तथा एक मंदिर व अन्य अवशेषों के आधार की खोज की थी।
- इंडियन नेशनल ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इंडोनेशिया में विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञात शैल-चित्रकला की खोज
- 2 शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव
- 3 कठपुतली कला
- 4 सावित्रीबाई फुले
- 5 तिरुवल्लुवर
- 6 ज़ेहनपोरा स्तूप उत्खनन: प्राचीन कश्मीर की बौद्ध धरोहर का अनावरण
- 7 भद्रकाली अभिलेख
- 8 आंध्र प्रदेश में आठवीं शताब्दी का तेलुगु अभिलेख प्राप्त
- 9 लक्कुंडी उत्खनन
- 10 पवित्र “पिपरहवा अवशेष”

