प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पुनः संशोधन की आवश्यकता
हाल ही में महाराष्ट्र ने संकेत दिया है कि वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से बाहर हो सकता है। आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, बिहार, गुजरात, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे कृषि प्रधान राज्य पहले ही इस योजना से बाहर हो चुके हैं।
- इस योजना को वर्ष 2020 में संशोधित किया गया था। राज्यों की बढ़ती अनिच्छा को देखते हुए विशेषज्ञ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पुनः संशोधन की वकालत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
- इस योजना को वर्ष 2016 में आरंभ किया गया था जिसे कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III की निरंतरता को मंजूरी
- 2 प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 वर्ष: “फंडिंग द अनफंडेड”
- 3 ‘वाणी’ योजना का तीसरा संस्करण लॉन्च
- 4 स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0
- 5 “रिलीफ” योजना के दायरे का विस्तार
- 6 भारत समुद्री बीमा पूल के गठन को मंजूरी
- 7 PM इंटर्नशिप योजना के पात्रता मानदंडों का विस्तार
- 8 नीति आयोग–JICA समझौता: आकांक्षी क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा
- 9 सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना-2.0
- 10 त्रिपुरा में प्रथम राज्य नवाचार मिशन का शुभारंभ

