अग्नि-4 मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण
6 जून, 2022 को अग्नि-4 मिसाइल का सफल अभ्यास परीक्षण ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया| इस परीक्षण ने सभी परिचालन मापदंडों को पूरा किया तथा इसके साथ ही इस मिसाइल प्रणाली की विश्वसनीयता भी सिद्ध हुई।
- परीक्षण का महत्व:सफल परीक्षण विश्वसनीय न्यूनतम भयादोहन क्षमता (Credible Minimum Deterrence Capability) रखने की भारत की नीति की पुष्टि करता है।
अग्नि-4 मिसाइल
यह सतह से सतह तक मार करने में सक्षम है तथा इसकी मारक क्षमता 4000 किलोमीटर है।
- अग्नि-4 (Agni-IV) मिसाइल भारत की एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल मानी जाती है।
- अग्नि-4 बैलेस्टिक मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बुढ़ापा और स्टेम कोशिकाएं
- 2 WHO फार्माकोविजिलेंस में भारत की वैश्विक छलांग
- 3 DRDO द्वारा स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण
- 4 ‘डिसोबिंड’ AI
- 5 ISRO के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी
- 6 ध्रुव न्यू जेनरेशन (Dhruv-NG) हेलीकॉप्टर
- 7 PARAM शक्ति सुपरकंप्यूटर
- 8 IIT मद्रास द्वारा रैमजेट-संचालित आर्टिलरी का विकास
- 9 अल्ट्रा-कोल्ड एटम
- 10 चीन के EAST रिएक्टर ने परमाणु संलयन में नया कीर्तिमान स्थापित किया
- 1 न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड का प्रथम एवं द्वितीय वाणिज्यिक मिशन
- 2 तीव्र रेडियो प्रस्फोट
- 3 पृथ्वी की विवर्तनिक प्लेटों का नया मानचित्र
- 4 पृथ्वी-2 मिसाइल का परीक्षण
- 5 अस्त्र मार्क-1 खरीद अनुबंध
- 6 वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियो वायरस
- 7 तरल नैनो यूरिया संयत्र की स्थापना
- 8 क्रायस एक्सपीपी : एआई-असिस्टेड मशीन लर्निंग
- 9 नए साइबर सुरक्षा निर्देश तथा VPN सेवा प्रदाता

