इको सेंसिटिव ज़ोन की सीमा निर्धारण पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश
3 जून, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा कि देश में स्थित प्रत्येक संरक्षित वन (Protected Forests), राष्ट्रीय उद्यान (National Parks) और वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) में उनकी सीमांकित सीमाओं से कम-से-कम एक किमी. दायरे में अनिवार्य इको सेंसिटिव ज़ोन (Eco Sensitive Zone-ESZ) का निर्माण किया जाना चाहिए।
महत्वपूर्ण बिंदु
सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश तमिलनाडु के नीलगिरि ज़िले में वन भूमि की सुरक्षा के लिये दायर एक याचिका पर सुनवाई करते वक्त दिया है।
- सुप्रीम कोर्ट के अनुसार वर्तमान समय में राज्य की भूमिका इतिहास में किसी भी समय की तुलना में अधिक प्रासंगिक है। ग्लोबल ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंबल नदी में घटता प्रवाह डॉल्फिन आवास के लिए खतरा
- 2 असम में “बेंट-टोड गेको” की नई प्रजाति की खोज
- 3 भारत का पहला वॉटर न्यूट्रल कोचिंग डिपो
- 4 भारत का प्रथम राष्ट्रीय चमगादड़ आकलन
- 5 भारतीय सॉफ्टशेल कछुए की तस्करी से बचाव
- 6 कश्मीर में साही का खतरा एवं केसर उत्पादन पर प्रभाव
- 7 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- 8 BRIC की पहली अनुसंधान सलाहकार बोर्ड बैठक
- 9 बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल
- 10 मेक्सिको की खाड़ी में राइस व्हेल पर विलुप्ति का खतरा
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 एथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य की प्राप्ति
- 2 स्टॉकहोम में उद्योग संक्रमण वार्ता तथा स्टॉकहोम+50
- 3 14वां असम राइनो अनुमान
- 4 दुनिया की पहली फिशिंग कैट गणना
- 5 हाल ही में खोजी गई प्रमुख प्रजातियां
- 6 सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध
- 7 जलवायु परिवर्तन प्रबंधन में नेतृत्व
- 8 मरुस्थलीकरण तथा सूखा
- 9 जीएम फसल अनुसंधान मानदंडों में ढील

