सिंधु घाटी सभ्यता में डेयरी उत्पादन
- हाल ही में किये गए एक नये अध्ययन से यह पता चला है कि 2500 ईसा पूर्व में हड़प्पावासियों द्वारा डेयरी वस्तुओं का उत्पादन किया जाता था। यह अध्ययन वैज्ञानिक प्रकाशन समूह नेचर रिसर्च के साइंटिफिक रिपोर्ट्स (Scientific Reports) नामक जर्नल में 30 सितंबर, 2020 को प्रकाशित किया गया।
- प्राचीन बर्तनों पर अवशेषों का विश्लेषण करके शोधकर्ताओं ने डेयरी उत्पाद प्रसंस्करण के शुरुआती प्रत्यक्ष प्रमाण दिखाये। इस प्रकार यह अध्ययन सिंधु घाटी सभ्यता की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर ताजा प्रकाश डालता है।
अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष
- पुरातात्विक स्थल: वर्तमान गुजरात के एक छोटे से पुरातत्व स्थल कोटड़ा भादली (Kotada Bhadli) से प्राप्त ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक
- 2 आयुर्वेद पांडुलिपियों का लिप्यंतरण हेतु आयुष मंत्रालय द्वारा कार्यशाला का आयोजन
- 3 राखीगढ़ी के अवशेष: सिंधु-सरस्वती सभ्यता के रहस्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण
- 4 स्वदेशी शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को जीआई (GI) मान्यता
- 5 NCERT पाठ्यपुस्तक में 'डांसिंग गर्ल' की मूल तस्वीर लगाने का निर्णय
- 6 जम्मू-कश्मीर ने सूफियाना संगीत के लिए यूनेस्को (UNESCO) मान्यता की मांग की
- 7 ओडिशा में मिले 15 मिलियन वर्ष पुराने जीवाश्म: प्राचीन समुद्री इतिहास के प्रमाण
- 8 चोल कालीन अनैमंगलम ताम्रपत्र
- 9 पानज़थ नाग चश्मा संरक्षण उत्सव
- 10 भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर मंदिर घोषित

