विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम
5 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम (Witness Protection Scheme) के मसौदे को मंजूरी दे दी है और सभी राज्यों को इस संबंध में संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक इसका पालन करने का निर्देश दिया है।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गवाह सुरक्षा योजना, 2018 (Witness Protection Scheme, 2018) संविधान के अनुच्छेद 141 और 142 के तहत तब तक ‘कानून’ रहेगा जब तक इस विषय पर संसद या राज्य द्वारा उचित कानून नहीं बनाए जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस योजना में कुछ बदलाव भी किए हैं।
पृष्ठभूमि
- गवाह सुरक्षा योजना का मुद्दा सबसे ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 नीति आयोग–JICA समझौता: आकांक्षी क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा
- 2 सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना-2.0
- 3 त्रिपुरा में प्रथम राज्य नवाचार मिशन का शुभारंभ
- 4 पीएम-पोषण पर संसदीय पैनल की समीक्षा
- 5 संशोधित उड़ान योजना को मंजूरी
- 6 आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग (IVFRT) योजना
- 7 जल जीवन मिशन के विस्तार को मंजूरी
- 8 प्रसाद योजना
- 9 UCF: भारत के शहरी अवसंरचना रूपांतरण की दिशा में एक पहल
- 10 सूर्य घर योजना के तहत 30 लाख घरों में रूफटॉप सोलर प्रणाली स्थापित

