कोसस्थलैयर नदी बेसिन में फ्लाई ऐश
हाल ही में पर्यावरण कार्यकर्ताओं और मछुआरों द्वारा ‘उत्तरी चेन्नई थर्मल पॉवर स्टेशन’ (NCTPS) से निकले फ्लाई ऐश (Fly Ash) के कोसस्थलैयर नदी बेसिन (Kosasthalaiyar River basin) में पाए जाने की शिकायत की गई। राख (फ्लाई ऐश) को राख-कुण्ड (Ash Pond) में ले जाने वाली पाइपलाइन में रिसाव होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
फ्लाई ऐश क्या है?
- फ्लाई ऐश महीन कणों से बना होता है जो तापीय बिजली संयंत्रों में कोयले के जलने से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। लोकप्रिय रूप से यह ईंधन राख (Flue ash) के रूप में जाना जाता है।
- इसमें भारी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इकोसाइड: पर्यावरण विनाश का अपराधीकरण
- 2 दिल्ली में ग्राउंड-लेवल ओजोन प्रदूषण का संकट
- 3 भारत में रूफटॉप सोलर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि
- 4 कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2026
- 5 तिमोर ग्रीन पिजन पर विलुप्त होने का गहरा संकट
- 6 पुणे में भारत का पहला लो एमिशन ज़ोन
- 7 'गंगा सॉफ्ट-शेल कछुआ'
- 8 भारत ने संयुक्त राष्ट्र को सौंपे नए जलवायु लक्ष्य
- 9 एथेनोल 'ब्लेंडेड ईंधन' के नए मानक
- 10 पैंगोलिन की तस्करी रोकने के लिए 'जेनेटिक मैप'

