जम्मू एवं कश्मीर में दरबार स्थानांतरण की प्रथा
- जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में 5 मई, 2020 को गृह मंत्रालय को केंद्रशासित प्रदेश में प्रचलित 'दरबार स्थानांतरण' (Darbar move) के अभ्यास पर विचार करने का निर्देश दिया।
- विदित हो कि जम्मू एवं कश्मीर में जम्मू शीतकालीन राजधानी होती है जबकि श्रीनगर ग्रीष्मकालीन राजधानी होती है।
- दरबार मूव राजधानी स्थानांतरण की एक सदियों पुरानी प्रथा है जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार 6-6 महीने राज्य की दो राजधानियों- श्रीनगर एवं जम्मू में काम करती है।

दरबार स्थानांतरण क्या है?
- दरबार मूव जम्मू-कश्मीर के सचिवालय तथा अन्य सभी सरकारी कार्यालयों का एक राजधानी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लद्दाख के नुब्रा में श्योक नदी पर 'उदमारू पुल' का उद्घाटन
- 2 भारत का पहला एआई-संचालित पक्षी अभयारण्य: भांडुप बर्ड पार्क
- 3 एआई (AI) ने हल की 87 साल पुरानी 'जैकोबियन अनुमान' की समस्या
- 4 बेंगलुरु में स्टार्टअप और नवाचार संग्रहालय (MIST) की स्थापना
- 5 केरल का लक्ष्य: 2031 तक 150 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)
- 6 नर्मदा नदी परियोजनाओं पर ऐतिहासिक अंतर-राज्यीय वित्तीय समझौता
- 7 एनकैश (EnKash) ने लॉन्च किया भारत का पहला UPI-सक्षम 'मील कार्ड'
- 8 भारत का 'परमाणु ऊर्जा मिशन': 2033 तक 5 स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR)
- 9 आदिलाबाद में बुद्ध परिनिर्वाण और बहु-धार्मिक पाषाण स्तंभ की खोज
- 10 राइज (RISE) कॉन्क्लेव 2026: नवाचार और उद्यमिता का नया संगम

