जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट का मामला
- सर्वोच्च न्यायालय ने 11 मई, 2020 के अपने निर्णय में जम्मू-कश्मीर में 4जी इंटरनेट स्पीड की तत्काल बहाली से संबंधित निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया।
- याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि महामारी के दौरान केंद्रशासित प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और व्यवसाय के लिए 4जी इंटरनेट आवश्यक है।
- न्यायालय द्वारा लॉकडाउन के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में धीमी इंटरनेट गति से उत्पन्न समस्याओं को हल करने के लिए एक वैकल्पिक तंत्र का पता लगाने का निर्देश दिया गया। पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानव अधिकारों के मध्य संतुलन की आवश्यकता है।
विशेष समिति का गठन
- न्यायमूर्ति एनवी रमना, ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 विधानसभा चुनाव 2026 : एक विश्लेषण
- 2 असम कैबिनेट द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी
- 3 आयुष अनुदान पोर्टल: आयुष ग्रिड पहल के तहत एक नई शुरुआत
- 4 भारत का पहला राष्ट्रीय AI और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन
- 5 स्वस्थ भारत पोर्टल: डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का एकीकरण
- 6 सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे का उपयोग: नवाचार और स्थिरता
- 7 मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) - तीसरा चरण
- 8 समान नागरिक संहिता (UCC) और जनजातीय संरक्षण
- 9 भारत की कुल प्रजनन दर (TFR): प्रतिस्थापन स्तर से नीचे की गिरावट
- 10 तेलंगाना में महिला संचालित सौर ऊर्जा संयंत्र

