भारतीय विज्ञापनों में लैंगिक पूर्वाग्रह एवं समावेशन
- हाल ही में यूनिसेफ (UNICEF) तथा गीना डेविस इंस्टीट्यूट ऑन जेंडर इन मीडिया (Geena Davis Institute on Gender in Media- GDI) ने "भारतीय विज्ञापन में लैंगिक पूर्वाग्रह एवं समावेशन" (Gender Bias and Inclusion In Advertising In India) नामक शीर्षक से एक अध्ययन रिपोर्ट जारी की।
- यह अध्ययन वर्ष 2019 में पूरे भारत में प्रसारित 1,000 से अधिक टेलीविजन विज्ञापनों तथा यूट्यूब विज्ञापनों को मापता है। अध्ययन में जिन विज्ञापनों का विश्लेषण किया गया, वे सबसे अधिक लोगों तक पहुंच प्राप्त करने वाले विज्ञापन थे।
अध्ययन के बारे में
- यह ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 IIED खाद्य सुरक्षा सूचकांक, 2026
- 2 वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (GTI), 2026
- 3 यूएनईपी रिपोर्ट: अनुपयोगी दवाओं के सुरक्षित निपटान पर वैश्विक चिंता
- 4 विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2026
- 5 MSME की अनुदान मांगों पर स्थायी समिति की रिपोर्ट
- 6 खेल उपकरण निर्यात क्षमता पर नीति आयोग की रिपोर्ट
- 7 उपभोक्ता न्याय रिपोर्ट 2026
- 8 भारत जैव-अर्थव्यवस्था रिपोर्ट (IBER) 2026
- 9 इलेक्ट्रिसिटी 2026 रिपोर्ट
- 10 यूएन विमेन की रिपोर्ट में भारत की ‘आर्टिज़न्स ऑफ़ चेंज’ परियोजना का उल्लेख
रिपोर्ट एवं सूचकांक
- 1 परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2019-20
- 2 विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक, 2021
- 3 एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2020-21
- 4 UNFPA की जनसंख्या स्थिति रिपोर्ट
- 5 राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट
- 6 वैश्विक वन लक्ष्य रिपोर्ट 2021
- 7 मीथेन उत्सर्जन पर संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट
- 8 प्रोटेक्टेड प्लैनेट रिपोर्ट 2020
- 9 हिम तेंदुए पर ‘विश्व वन्यजीव कोष’ की रिपोर्ट

