भारत में 5जी तकनीक संभावित अनुप्रयोग व चुनौतियां
5जी की दौड़ में पीछे रहना भारत में प्रौद्योगिकी विकास के लिए उचित नहीं है इसलिए इस नवीनतम तकनीक के प्रभावी, कुशल तथा लाभकारी उपयोग के लिए इसे तैयार रहना चाहिए
अप्रैल, 2019 को दक्षिण कोरिया ने विश्व का पहला देशव्यापी 5जी मोबाइल नेटवर्क लॉन्च किया, जो अपने उपयोगकर्ताओं को सुपर-फास्ट वायरलेस तकनीक तक पहुंच प्रदान करता है। हालांकि, 5जी तकनीक के बारे में चर्चा लंबे समय से चल रही है। 5जी तकनीक तेज गति वाले डेटा, विश्वसनीय पारेषण, दूरसंचार तथा स्व-चालित कारों की दुनिया में प्रवेश का प्रधान साधन बन सकता है।
यह समझना आवश्यक है कि दुनिया भर ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत का सामरिक व्यापार नियंत्रण ढांचा राष्ट्रीय सुरक्षा और उच्च-प्रौद्योगिकी व्यापार के मध्य संतुलन - नूपुर जोशी
- 2 भू-आर्थिक टकराव के दौर में भारत चुनौतियां, प्रत्यास्थता एवं रणनीतिक प्रत्युत्तर - आलोक सिंह
- 3 नाभिकीय ऊर्जा: भारत के विकास-पथ की रणनीतिक कुंजी
- 4 भारत का पर्यावरणीय न्यायशास्त्र संरक्षण एवं विकास के मध्य संतुलन - नूपुर जोशी
- 5 भारत का विकासमान श्रम पारितंत्र सामाजिक सुरक्षा परिप्रेक्ष्य - नूपुर जोशी
- 6 वैश्विक जलवायु शासन का पुनर्मूल्यांकन कॉप-30 एवं सतत भविष्य की दिशा - आलोक सिंह
- 7 सतत भविष्य के लिए वन संतुलन, संरक्षण एवं समुचित प्रबंधन की अनिवार्यताएं - नूपुर जोशी
- 8 संयुक्त राष्ट्र @80 सुधार, प्रतिनिधित्व एवं बदलती विश्व-व्यवस्था की चुनौतियां - आलोक सिंह
- 9 भारत की पाण्डुलिपि धरोहर प्राचीन ज्ञान का अमूल्य भंडार - संपादकीय डेस्क
- 10 ब्लू इकॉनमी व सतत समुद्री प्रगति भारत का दृष्टिकोण एवं रणनीति - आलोक सिंह

