विचाराधीन कैदियों और अपराधियों के वोटिंग अधिकार
16 अप्रैल, 2019 को सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली एक पीठ ने एक ऐसी याचिका पर सुनवाई की जो विचाराधीन कैदियों और अपराधियों के वोट देने के उनके अधिकार को नकारती है।
कौन वोट दे सकता है और कौन नहीं?
- जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62(5) के तहत, पुलिस की वैध हिरासत में व्यत्तिफ़ और दोष सिद्ध होने के बाद कारावास की सजा काट रहे व्यत्तिफ़ वोट नहीं डाल सकते। विचाराधीन कैदियों को भी चुनाव में भाग लेने से बाहर रऽा जाता है, भले ही उनका नाम मतदाता सूची में हो।
- केवल वही व्यत्तिफ़ जिनको निवारक ....
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