नदी प्रदूषण हेतु केंद्रीय निगरानी समिति
देश भर में 350 से अधिक नदियों को प्रदूषण मुत्तफ़ बनाने के लिए एक राष्ट्रीय योजना तैयार करने व उसे लागू करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने एक ‘केंद्रीय निगरानी समिति’ (Central Monitoring Committee) का हाल ही में गठन किया। ध्यातव्य है कि इन नदियों के प्रदूषण ने जल व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।
- 8 अप्रैल, 2019 को एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बेंच ने 351 गंभीर रूप से प्रदूषित नदी खडों (river stretches) के मामले की सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 टर्टल ट्रेल्स
- 2 काजीरंगा: एक-सींग वाले गैंडों का अंतिम सुरक्षित दुर्ग
- 3 डिक्लिप्टेरा पाखालिका नामक पुष्पीय पौधे की नई प्रजाति की खोज
- 4 केरल में ड्रैगनफ्लाई की नई प्रजाति की पहचान
- 5 असम के गर्भांगा रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में चींटी की नई प्रजाति की खोज
- 6 पेरू के क्लाउड फॉरेस्ट में मेंढक की नई प्रजाति की खोज
- 7 बायोफैच 2026 में मेघालय की भागीदारी
- 8 ट्रैपडोर मकड़ी की नई प्रजाति की खोज
- 9 आर्मी ऐंट्स की दो नई प्रजातियों की खोज
- 10 लक्षद्वीप में खोजी गई ‘स्क्वाट लॉब्स्टर’ की नई प्रजाति

