नेपाल व भूटान जाने हेतु आधार का यात्र दस्तावेज के रूप में प्रयोग
- गृह मंत्रलय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार भारत के 15 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक नेपाल व भूटान की यात्र के लिए 12 अंकीय आधार कार्ड का वैध यात्र दस्तावेज के रूप में प्रयोग कर सकेंगे।
- दोनों पड़ोसी देशों की यात्र के लिए इन दोनों वर्गों के अलावा अन्य भारतीय आधार कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे। बताते चलें कि दोनों देशों की यात्र के लिए भारतीयों को वीजा की आवश्यकता नहीं होती।
- नेपाल और भूटान जाने वाले भारतीय नागरिकों के पास यदि वैध पासपोर्ट, भारत सरकार द्वारा जारी एक फोटो, पहचान-पत्र या चुनाव ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द: RBI की बड़ी कार्रवाई
- 2 सेवा क्षेत्र को मापने के लिए नया सेवा उत्पादन सूचकांक
- 3 RBI का नया एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस ढांचा: बैंकों में बड़ा बदलाव
- 4 जल-ऊर्जा-खाद्य संकट: भारत के लिए बढ़ती चुनौती
- 5 विदेशी मुद्रा संकट और भारत की मितव्ययिता नीति
- 6 भारत द्वारा सोना एवं चांदी पर आयात शुल्क वृद्धि
- 7 चीनी निर्यात प्रतिबंध : खाद्य सुरक्षा और मुद्रास्फीति प्रबंधन की उभरती चुनौतियाँ
- 8 बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें – भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- 9 भारत का FDI परिदृश्य 2025-26 : पूंजी पुनर्प्रत्यावर्तन और बाह्य क्षेत्रीय दबाव
- 10 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना
- 1 चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.2% अनुमानित
- 2 क्रिसिल राज्य सकल घरेलू उत्पाद रिपोर्ट
- 3 कालिया योजना
- 4 जेरालीनोन
- 5 बैंकिंग क्षेत्र में विलय
- 6 डिजिटल भुगतानों के विस्तार पर नीलकेणि समिति
- 7 रिजर्व बैंक द्वारा MSME पर विशेषज्ञ समिति गठित
- 8 गंगा एक्सप्रेसवे
- 9 रेणुका जी बहुउद्देशीय बांध परियोजना हेतु समझौता-पत्र पर हस्ताक्षर
- 10 राज्य के अनुपात में केंद्र का ऋण भार कम
- 11 दक्षेस देशों के लिये 400 मिलियन डॉलर की मुद्रा लेन-देन व्यवस्था
- 12 वैश्विक उड्डयन शिखर सम्मेलन 2019
- 13 साइज इंडिया परियोजना

