पृथ्वी का सबसे प्राचीन पदार्थ
- वैज्ञानिकों ने 13 जनवरी, 2020 को कहा कि 1969 में ऑस्ट्रेलिया में गिरे एक उल्का पिंड (meteorite) से पृथ्वी पर पाया जाने वाला सबसे पुराना पदार्थ प्राप्त हुआ है। विक्टोरिया राज्य के मर्चिसन शहर से ऐसे धुल कणों को पाया गया है जो लगभग 700 करोड़ वर्ष पुराने हैं।
प्रमुख तथ्य
- इन कणों को प्रीसोलर ग्रेन (presolar grains) कहा जाता है क्योंकि कि ये हमारे सौर मंडल (solar system) से भी पुराने हैं।
- इनका आकार 2 से 30 माइक्रोमीटर के बीच है। एक माइक्रोमीटर एक मिलीमीटर के एक हजारवें हिस्से के बराबर होता है।
- तारों से निकले पदार्थ स्टार डस्ट ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 क्यासानूर वन रोग (KFD) हेतु ICMR का स्वदेशी टीका
- 2 अतिद्रव–अतिठोस अवस्था संक्रमण का प्रथम प्रत्यक्ष अवलोकन
- 3 इन्फ्लुएंजा संक्रमण का हृदय क्षति से संबंध
- 4 सी-डॉट–सिनर्जी क्वांटम समझौता
- 5 भारतीय नौसेना ने ‘कम्बाइंड टास्क फोर्स 154’ की कमान संभाली
- 6 नॉवेल ओरल पोलियो वैक्सीन टाइप–2 (nOPV2)
- 7 चंद्रयान–4 मिशन के लिए लैंडिंग स्थल की पहचान
- 8 ओपन-सोर्स, एंड-टू-एंड वॉयस एआई स्टैक का अनावरण
- 9 शालीमार व्हीट-4 और शालीमार व्हीट-3
- 10 बायो-एआई “मूलांकुर” हब
- 1 प्रोजेक्ट नेत्रा हेतु इसरो और आईआईए के मध्य समझौता
- 2 भारतीय डेटा रिले उपग्रह प्रणालीःआईडीआरएसएस
- 3 मानव अंतरिक्ष उड़ान अवसंरचना केंद्रः एचएसएफआईसी
- 4 एलसीए तेजस की आईएनएस विक्रमादित्य पर सफल लैंडिंग
- 5 भारत द्वारा के-4 मिसाइल का सफल परीक्षण
- 6 ब्लॉकचेन तकनीक में उत्कृष्टता केंद्र
- 7 दुर्लभ बीमारियों के निदान हेतु राष्ट्रीय नीति का मसौदा
- 8 A (H9N2) वायरसः भारत में इसका संक्रमण
- 9 कोरोनावायरस का संक्रमण
- 10 जीवित मशीनें: जेनोबोट्स
- 11 मलेरिया परजीवी के अध्ययन हेतु नई तकनीक
- 12 भारतीय रेलवे द्वारा पॉलीक्रैक तकनीक का प्रयोग
- 13 3000 वर्षीय मिस्र की ममी की ध्वनि पुनः निर्मित
- 14 107वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस
- 15 कमरे के तापमान पर कार्य करने वाली सोडियम सल्फर बैटरी

