श्री जगन्नाथ मंदिर
ओडिशा राज्य मंत्रिमंडल ने हाल ही में पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के स्वामित्व वाली भूमि से संबंधित मुद्दों को सरल बनाने के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम 1954 में संशोधन को मंजूरी दे दी।
- संशोधन के बाद, मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के पास अब राज्य सरकार की मंजूरी के बिना मंदिर की जमीन को बेचने या पट्टे पर देने की शक्ति है।
- इससे पहले, मंदिर के अंतर्गत आने जाने जमीन पर जिन लोगों का लंबे समय से स्वामित्व था या कब्जा कर रखा था, उन्हें जमीन की बिक्री या हस्तांतरण के लिए राज्य सरकार से संपर्क करना पड़ता था। अब यह ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल: ओणम एवं उथ्रादम उत्सव
- 2 पिथौरा पेंटिंग को जीआई टैग
- 3 कम-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन
- 4 भोपाल ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक: सांस्कृतिक सहयोग का नया अध्याय
- 5 सांस्कृतिक विरासत तक डिजिटल पहुंच: भारतीय संस्कृति पोर्टल 2.0
- 6 सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले: 40 देशों की प्रतीकात्मक यात्रा
- 7 राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन: 'मेरा गांव मेरी धरोहर'
- 8 कला संस्कृति विकास योजना (KSVY): भारतीय विरासत का डिजिटल और आर्थिक संरक्षण
- 9 विदेशों में भारतीय संस्कृति का संवर्धन एवं वैश्विक सहभागिता
- 10 सारनाथ: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत की 45वीं उपलब्धि

