काशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट
8 मार्च, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘काशी विश्वनाथ कॉरिडोर’ का आधारशिला रखा।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की विशेषताएं
- इस परियोजना से पवित्र मंदिर और इसके आस-पास के क्षेत्रों में काफी बदलाव किया जायेगा। इस तरह का बदलाव 1780 ई. के बाद पहला है जब इंदौर की मराठा रानी अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिर और इसके आसपास के क्षेत्रों का जीर्णोद्धार किया था।
- प्रस्तावित कॉरिडोर 50 फीट चौड़ा होगा, जो गंगा के मणिकर्णिका और ललिता घाट को सीधे काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर से जोड़ेगा।
- इस कोरिडोर से गुजरते हुए तीर्थयात्री और यात्री नवनिर्मित संग्रहालय देखेंगे और वाराणसी के प्राचीन इतिहास और संस्कृति के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III की निरंतरता को मंजूरी
- 2 प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 वर्ष: “फंडिंग द अनफंडेड”
- 3 ‘वाणी’ योजना का तीसरा संस्करण लॉन्च
- 4 स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0
- 5 “रिलीफ” योजना के दायरे का विस्तार
- 6 भारत समुद्री बीमा पूल के गठन को मंजूरी
- 7 PM इंटर्नशिप योजना के पात्रता मानदंडों का विस्तार
- 8 नीति आयोग–JICA समझौता: आकांक्षी क्षेत्रों में सतत विकास को बढ़ावा
- 9 सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए ऋण गारंटी योजना-2.0
- 10 त्रिपुरा में प्रथम राज्य नवाचार मिशन का शुभारंभ

