माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण : कारण तथा प्रभाव
नीदरलैंड के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में किये गए एक अध्ययन में पहली बार मानव रक्त में माइक्रोप्लास्टिक (Microplastics) की उपस्थिति पाई गई है| वैज्ञानिकों द्वारा लिए गए 80 प्रतिशत रक्त नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया है।
- लगभग 50 प्रतिशत नमूनों में पीईटी प्लास्टिक (PET plastic) पाया गया है, आमतौर पर पीईटी प्लास्टिक का उपयोग पेय पदार्थों की बोतलों को बनाने में किया जाता है|
- एक तिहाई नमूनों में पॉलीस्टाइरिन (polystyrene) पाया गया है, जिसका उपयोग भोजन और अन्य उत्पादों की पैकेजिंग के लिए किया जाता है। एक चौथाई रक्त के नमूनों में पॉलीइथिलीन (polyethylene) पाया गया है, जिसका उपयोग प्लास्टिक बैग ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 2 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 3 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 4 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 5 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
- 6 जल-कुशल फसल नवाचार द्वारा भूजल दबाव का न्यूनीकरण
- 7 जलवायु परिवर्तनशीलता और निर्धनता का अंतर्संबंध: भारत में उभरती बहुआयामी चुनौती
- 8 भारत में खाद्य अपव्यय का विरोधाभास: भूख से जूझते भारत में संसाधनों की विडंबना
- 9 भारत में लुप्त होती झीलें: सामाजिक-पारिस्थितिक स्थिरता के लिए एक खतरा
- 10 बाह्य अंतरिक्ष शासन: वैश्विक शक्ति-संतुलन का उभरता क्षेत्र

