सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले : योगदान एवं विरासत
हाल ही में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा समाज सुधारक ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले पर की गई टिप्पणी के कारण उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा।
- महात्मा ज्योतिराव और सावित्रीबाई फुले भारत के सामाजिक और शैक्षिक इतिहास में असाधारण व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं।
- उन्होंने महिला शिक्षा एवं सशक्तीकरण की दिशा में और जाति एवं लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में पथप्रदर्शक की भूमिका निभाई।
सावित्रीबाई फुले
- सावित्रीबाई फुले महाराष्ट्र की एक समाज सुधारक, शिक्षाविद और कवियत्री थीं, जिन्होंने 19वी शताब्दी के दौरान महिला शिक्षा और सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
- उन्हें भारत ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चोल कालीन अनैमंगलम ताम्रपत्र
- 2 पानज़थ नाग चश्मा संरक्षण उत्सव
- 3 भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर मंदिर घोषित
- 4 ओडिशा ने बोमकाई बुनाई पुनरुद्धार अभियान शुरू
- 5 हजारीबाग से 3,200 साल पुरानी बस्ती के साक्ष्य प्राप्त
- 6 सांस्कृतिक कूटनीति: उपहारों के जरिए विश्व पटल पर 'ब्रांड इंडिया
- 7 वतन को जानो कार्यक्रम
- 8 बैसाखी पर्व
- 9 आदि शंकराचार्य
- 10 VM फ्रेम्स राष्ट्रीय फिल्म निर्माण प्रतियोगिता

