पंजाब व हरियाणा द्वारा पराली प्रदूषण
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (IIT-D) के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार पंजाब के 8 जिले और हरियाणा के 3 जिले कुल ‘फसल दहन उत्सर्जन’ (crop burning emission) के लगभग 62% भाग का योगदान करते हैं।
- अध्ययन के निष्कर्ष आईआईटी-दिल्ली की ‘वायुमंडलीय विज्ञान केंद्र’ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ- साग्निक डे द्वारा 20 सितंबर, 2019 को प्रस्तुत किये गए।
- यह मूल्यांकन कई कारकों पर आधारित है तथा इसमें उपग्रह इमेज से प्राप्त डेटा को भी शामिल किया गया है।
- पंजाब में प्राथमिकता वाले जिले कुल पराली उत्सर्जन में लगभग 45% का योगदान ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इकोसाइड: पर्यावरण विनाश का अपराधीकरण
- 2 दिल्ली में ग्राउंड-लेवल ओजोन प्रदूषण का संकट
- 3 भारत में रूफटॉप सोलर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि
- 4 कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2026
- 5 तिमोर ग्रीन पिजन पर विलुप्त होने का गहरा संकट
- 6 पुणे में भारत का पहला लो एमिशन ज़ोन
- 7 'गंगा सॉफ्ट-शेल कछुआ'
- 8 भारत ने संयुक्त राष्ट्र को सौंपे नए जलवायु लक्ष्य
- 9 एथेनोल 'ब्लेंडेड ईंधन' के नए मानक
- 10 पैंगोलिन की तस्करी रोकने के लिए 'जेनेटिक मैप'

