प्लास्टिक के निम्नीकरण की पर्यावरण अनुकूल तकनीक
आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने हाल ही में रासायनिक रूप से निष्क्रिय एक प्लास्टिक फ्रलोरोपॉलीमर को नष्ट करने की पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकी का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। पॉलीटेट्राफ्रलुओरोएथिलीन (polytetrafluoroethylene - PTFE) नामक इस फ्रलोरोपॉलीमर का उपयोग टेफ्रलॉन के निर्माण में किया जाता है।
- फ्रलोरोपॉलीमर को अणुओं के रूप में निम्नीकृत करने के लिए इसे 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 1000 पीपीएम ग्लूकोज और धातु के आयनों से युत्तफ़ जल के संपर्क में लगभग 15 दिनों के लिए रखना होता है।
- इस अध्ययन से संबंधित निष्कर्ष ‘एसीएस सस्टेनेबल केमिस्ट्री एंड इंजीनियरिंग’ (ACS Sustainable Chemistry - Engineering) नामक जर्नल में हाल ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 ब्लाइंड सबटेरेनियन मछली की नई प्रजाति की खोज
- 2 अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) स्थापना दिवस
- 3 जलवायु परिवर्तन का नीलगिरि वुड पिजन पर खतरा
- 4 मेगामलाई वन्यजीव अभयारण्य में 9 नई प्रजातियों की खोज
- 5 पश्चिमी घाट में दुर्लभ ‘अर्ध नर-अर्ध मादा’ केकड़े की खोज
- 6 पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश: IQAir रिपोर्ट
- 7 चंबल नदी प्रवाह पर CWC की सिफारिशें माँगी गईं
- 8 अघनाशिनी-वेदावती नदी-लिंकिंग परियोजना पर यूनेस्को की एडवाइजरी
- 9 स्टेट ऑफ इंडियाज़ एनवायरमेंट 2026, रिपोर्ट
- 10 WMO रिपोर्ट: पृथ्वी के 'ऊर्जा असंतुलन' में रिकॉर्ड वृद्धि

