हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2019
हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने बलपूर्वक, लालच तथा धोखाधड़ी से धर्मान्तरण करने पर रोक लगाने के लिए 30 अगस्त, 2019 को सर्वसम्मति से ‘हिमाचल प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2019’ पारित किया।
- नए विधेयक में मौजूदा कानून के तहत तीन साल की तुलना में सात साल तक की जेल के सजा का प्रावधान है।
- एक व्यत्तिफ़ जो अन्य धर्म ग्रहण करना चाहता है, उसे जिला मजिस्ट्रेट को एक माह पूर्व सूचित करना होगा कि वह स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर रहा है।
- नए विधेयक के अनुसार, अगर दलित, महिला या नाबालिग का धर्मपरिवर्तन कराया जाएगा, तो जेल की अवधि दो ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 कीई पन्योर बनेगा भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’
- 2 गोवा को मिलेगा तीसरा जिला
- 3 हिमाचल प्रदेश में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर्स की स्थापना को मंज़ूरी
- 4 देश की पहली समर्पित “डीप टेक पॉलिसी”
- 5 संस्कार शाला
- 6 रायपुर में APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय
- 7 भारत की पहली पूर्णतः पेपरलेस न्यायालय प्रणाली
- 8 केरल को मिला अपना पहला तितली अभयारण्य: अरालम
- 9 बैसिलस सबटिलिस केरल का “राज्य सूक्ष्म जीव”
- 10 गुजरात को पुनः टाइगर स्टेट की मान्यता प्राप्त हुई

