धरणीकोटा का प्राचीन मंदिर एवं काकतीय राजवंश
- काकतीय राजवंश के शक्तिशाली शासक सम्राट गणपति देव (Emperor Ganapati Deva) द्वारा निर्मित एक मंदिर को स्थानीय देवी बालूसुलामा (Balusulamma) के निवास स्थान में बदल दिया गया है।
- इस मंदिर का निर्माण वर्तमान आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के पास धरणीकोटा (Dharanikota) में किया गया था।
- 13वीं शताब्दी के इस मंदिर की पीठासीन देवी काकती देवी (Kakati Devi) थीं, जो काकतीय शासकों की कुलदेवी थीं।
- लम्बे समय तक बिना किसी रखरखाव के चलते इस मंदिर की अधिष्ठात्री देवी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई।
- जिसके बाद धरणीकोटा के ग्रामीण, जिन्हें मंदिर के पवित्र अतीत के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, ने बालूसुलामा की मूर्ति ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल: ओणम एवं उथ्रादम उत्सव
- 2 पिथौरा पेंटिंग को जीआई टैग
- 3 कम-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन
- 4 भोपाल ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक: सांस्कृतिक सहयोग का नया अध्याय
- 5 सांस्कृतिक विरासत तक डिजिटल पहुंच: भारतीय संस्कृति पोर्टल 2.0
- 6 सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले: 40 देशों की प्रतीकात्मक यात्रा
- 7 राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन: 'मेरा गांव मेरी धरोहर'
- 8 कला संस्कृति विकास योजना (KSVY): भारतीय विरासत का डिजिटल और आर्थिक संरक्षण
- 9 विदेशों में भारतीय संस्कृति का संवर्धन एवं वैश्विक सहभागिता
- 10 सारनाथ: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत की 45वीं उपलब्धि

