अंतरिक्ष धूल के बादल की आंतरिक संरचना का अध्ययन
हाल ही में शोधकर्ताओं की एक टीम ने नासा के ‘पार्कर सोलर प्रोब’ (Parker Solar Probe) से प्राप्त डेटा का उपयोग करते हुए अंतरिक्ष धूल (Space Dust) के विशालकाय बादल की आंतरिक संरचना और व्यवहार का अध्ययन किया| सम्पूर्ण सौर मंडल में भ्रमण करने वाले अंतरिक्ष धूल के विशाल बादल को राशिचक्रीय मेघ (Zodiacal Cloud) के रूप में जाना जाता है।
अध्ययन के मुख्य बिंदु
- वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष धूल के बादल की तीन परतों की जानकारी मिली है|
- पहली परत में, अधिकांश धूल-कण धीरे-धीरे सूर्य (अल्फा-उल्कापिंड) की ओर खिंचे जा रहे हैं।
- भंवरयुक्त बादल में धूल-कणों के टकराने से धूल की ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर का 'हॉप प्रयोग'
- 2 गैलेक्सीआई द्वारा ओप्टोसार उपग्रह लॉन्च
- 3 ISS पर कैंसर और उपास्थि अनुसंधान
- 4 IN-SPACe द्वारा PSLV तकनीक का पूर्ण हस्तांतरण
- 5 तमिलनाडु और गुजरात में साझा अंतरिक्ष अवसंरचनाओं को मंजूरी
- 6 भारत का पहला AI ऑर्बिटल डेटा सेंटर (ODC) सैटेलाइट: पाथफाइंडर
- 7 मानव रक्त के 98.8% नमूनों में PFAS की पहचान
- 8 ICMR और ICAR की 'SEHAT' (सेहत) पहल
- 9 भारत का पहला स्पेस-टेक उत्कृष्टता केंद्र
- 10 बिरसा 101: भारत की पहली स्वदेशी CRISPR जीन थेरेपी
- 1 इंस्पिरेशन 4 मिशन
- 2 गगनयान मिशन में ऑस्ट्रेलियाई सहयोग
- 3 बैक्टीरियल बायोफिल्म को नियंत्रित करने वाला ग्राफीन नैनो-कम्पोजिट
- 4 मेटावर्स : द नेक्स्ट जेनरेशन इंटरनेट
- 5 फोर्टिफाइड चावल के लिए एकसमान मानदंड जारी
- 6 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी
- 7 मच्छरों की वृद्धि पर नियंत्रण हेतु नवीन तकनीक
- 8 केरल में निपा वायरस का प्रसार
- 9 उत्तर प्रदेश में स्क्रब टाइफस का प्रकोप

