एकल उपयोग प्लास्टिक का विकल्प
भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के शोधकर्ताओं ने ‘सिंगल-यूज प्लास्टिक’ (Single-Use Plastics) का विकल्प तैयार करने का तरीका खोज लिया है। अखाद्य तेलों और कृषि अपशिष्ट से निकाले गए सेल्यूलोज को मिलाकर, शोधकर्ताओं द्वारा एक जैव-अपघट्य ‘पॉलिमर शीट’ तैयार की गयी है।
मुख्य बिंदु
- विकसित किया गया पॉलिमर शीट एकल-उपयोग प्लास्टिक का विकल्प बन सकती है, जो पर्यावरण में प्लास्टिक अपशिष्ट के जमा होने की समस्या को कम कर सकती है।
- एकल उपयोग प्लास्टिक, निपटान-योग्य प्लास्टिक का एक रूप होती है, जिसे केवल एक बार इस्तेमाल करके फेंक दिया जाता है। भारत में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक की खपत 11 किलोग्राम प्रति वर्ष ....
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