103वें संविधान संशोधन की संवैधानिक वैधता का परीक्षण
सुप्रीम कोर्ट की 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान करने वाले 103वें संविधान संशोधन अधिनियम की वैधता पर विचार कर रही है।
- प्रधान न्यायाधीश जस्टिस यू.यू. ललित की अध्यक्षता वाली यह पीठ इस बात की जांच कर रही है कि क्या 103वां संविधान संशोधन अधिनियम संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन करता है अथवा नहीं।
- याचिकाकर्ताओं ने इस संशोधन को इस आधार पर भी चुनौती दी है कि यह इंद्रा साहनी मामले में सुप्रीम कोर्ट के 1992 के फैसले का उल्लंघन करता है। इंद्रा साहनी ....
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