नई पीढ़ी के उपकरणों हेतु एआई आधारित कंप्यूटिंग चिप
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) हैदराबाद के शोधकर्ता अगली पीढ़ी के नैनो-मैग्नेटिक कंप्यूटिंग चिप विकसित कर रहे हैं जो ‘मैग्नेटिक क्वांटम डॉट सेलुलर ऑटोमेशन’ तकनीक पर आधारित है। यह कंप्यूटिंग चिप डिजाइन कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नई पीढ़ी के उपकरणों के विकास में उपयोगी हो सकती है।
- इसके साथ ही शोधकर्ता नैनो-मैग्नेटिक कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर की डिजाइन पद्धति भी विकसित कर रहे हैं। नैनो-मैग्नेटिक कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर बाइनरी योजक (Binary Adder) के उपयोग के लिए विकसित किये जा रहे हैं| बाइनरी योजक एक प्रकार का डिजिटल सर्किट होता है जो सभी तरह के डिजिटल लॉजिक सर्किट का एक प्रमुख घटक होता है| बाइनरी योजक का ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 गगन प्रणाली
- 2 आरएडी-बार्ग: धनुष-बाण के आकार की रेडियो आकाशगंगा
- 3 धातुओं के ऑप्टिकल गुणों में परिवर्तन पर शोध
- 4 31 नए क्वासर की खोज
- 5 भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन
- 6 विक्रम-1 रॉकेट
- 7 यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI)
- 8 स्ट्रॉबेरी मून
- 9 नेत्रा एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) प्रणाली
- 10 स्वदेशी स्वार्म ड्रोन तकनीक और 'थिंकिंग स्वार्म्स'
- 1 दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद में कोविड-19 सेरो-सर्वेक्षण
- 2 भांग के औषधीय गुणों पर नया शोध
- 3 तपेदिक और चिकनगुनिया रोधी फ्लेवोनॉइड अणुओं का सिंथेटिक संश्लेषण
- 4 नासा का मंगल मिशन
- 5 दो आकाशगंगाओं के बीच टकराव और तीव्र तारा निर्माण
- 6 गाड़ियों में कंपन कम करने के लिए कार्बन नैनोट्यूब कंपोजिट
- 7 गैर-इनवेसिव रूप से कैंसर कोशिकाओं का पता लगाना
- 8 ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए माइक्रोपार्टिकल फॉर्मुलेशन
- 9 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों की निगरानी के लिए टैटू सेंसर
- 10 सार्स-कोव-2 की पहली संपूर्ण भारत 1000 जीनोम सेक्वेंसिंग
- 11 फसल निगरानी में मशीन लर्निंग तकनीक
- 12 मक्के की भूसी से सुपरकैपेसिटर का विकास

