ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022
8 अगस्त, 2022 को लोकसभा द्वारा ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 को मंजूरी प्रदान कर दी गई| इस विधेयक द्वारा ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। यह उपकरण, भवन और उद्योगों द्वारा ऊर्जा खपत के नियमन का प्रावधान करता है।

मुख्य बिंदु
- ऊर्जा के गैर-जीवाश्म स्रोतों का उपयोग: 2001 का अधिनियम केंद्र सरकार को ऊर्जा खपत मानकों को निर्दिष्ट करने का अधिकार देता है। जबकि नवीन संशोधन विधेयक में कहा गया है कि सरकार नामित उपभोक्ताओं (designated consumers) को गैर-जीवाश्म स्रोतों से ऊर्जा खपत के न्यूनतम हिस्से को ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 किसानों के लिए भारत का पहला मृदा कार्बन भुगतान
- 2 राष्ट्रीय समुद्री कचरा उपचार पहल : 'निर्मल सागर'
- 3 सबसी केबल्स और समुद्री पर्यावरण
- 4 यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM)
- 5 UNCCD COP17: मरुस्थलीकरण पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय
- 6 सेमीकॉन इंडिया 2026
- 7 भारत का 'नेट ज़ीरो पोर्टल' और NAPCC डैशबोर्ड लॉन्च
- 8 एक सींग वाला गैंडा:असम की वैश्विक उपलब्धि
- 9 लद्दाख में 'हाई-एल्टीट्यूड वन्यजीव सफारी'
- 10 लद्दाख में भारत की पहली 'हाई-एल्टीट्यूड वन्यजीव सफारी'

