ब्लू फ्रलैग प्रमाणन
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रलय ने ‘ब्लू फ्रलैग’ प्रमाणन (Blue Flag certification) हेतु प्रतिस्पर्धा करने के लिये 12 भारतीय समुद्र तटों का हाल ही में चयन किया। ‘ब्लू फ्रलैग’ प्रमाणन, एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता है, जो स्वच्छता और पर्यावरणीय उपयुत्तफ़ता के कुछ विशिष्ट मानदंडों को पूरा करने वाले समुद्र तटों, बंदरगाहों तथा पर्यटन नौकाओं को प्रदान की जाती है।
|
ब्लू फ्रलैग क्या है?
|
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 व्हेल शार्क
- 2 राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन
- 3 स्टंप-टेल्ड मकाक
- 4 मागो चू बेसिन में हिमनद झील विस्फोट प्रेरित बाढ़ की चेतावनी
- 5 गंगा नदी डॉल्फिन और हुगली में डॉल्फिन पार्क
- 6 संकटग्रस्त प्रजातियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया
- 7 इकोसाइड: पर्यावरण विनाश का अपराधीकरण
- 8 दिल्ली में ग्राउंड-लेवल ओजोन प्रदूषण का संकट
- 9 भारत में रूफटॉप सोलर ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि
- 10 कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2026
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 ग्लोबल वार्मिंग का नौकरियों पर प्रभाव
- 2 समुद्री जलस्तर में वृद्धि पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रलय की रिपोर्ट
- 3 अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल पलाऊ
- 4 वनस्पतियों तथा जंतुओं की 596 नई प्रजातियां
- 5 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड व लेसर फ्रलोरिकन की सुरक्षा हेतु समिति गठित
- 6 गहरे समुद्री ऽनन के चलते लुप्तप्रायः स्केली-फुट स्नेल
- 7 भारत में बाघों की स्थिति, 2018

