ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य परियोजना
- मध्य प्रदेश ने हाल ही में राज्य के ग्वालियर और ओरछा शहरों के लिए यूनेस्को की 'ऐतिहासिक शहरी परिदृश्य परियोजना' (Historic Urban Landscape Project) शुरू की। इन शहरों के विकास और प्रबंधन की योजना यूनेस्को द्वारा तैयार की जाएगी।
- इसमें इतिहास, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन, आर्थिक विकास, सामुदायिक विकास समेत तमाम पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
- इन दो स्थानों को अब यूनेस्को, भारत सरकार और मध्य प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सुधार पर ध्यान केंद्रित करके विकसित किया जाएगा।
ग्वालियर
- 9वीं शताब्दी में स्थापित ग्वालियर गुर्जर प्रतिहार राजवंश, तोमर, बघेल कछवाह तथा सिंधिया राजवंश की राजधानी रहा है।
- ग्वालियर का ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इंडोनेशिया में विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञात शैल-चित्रकला की खोज
- 2 शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव
- 3 कठपुतली कला
- 4 सावित्रीबाई फुले
- 5 तिरुवल्लुवर
- 6 ज़ेहनपोरा स्तूप उत्खनन: प्राचीन कश्मीर की बौद्ध धरोहर का अनावरण
- 7 भद्रकाली अभिलेख
- 8 आंध्र प्रदेश में आठवीं शताब्दी का तेलुगु अभिलेख प्राप्त
- 9 लक्कुंडी उत्खनन
- 10 पवित्र “पिपरहवा अवशेष”

