चेक बाउंस बनाम दिवाला कार्यवाही
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न को बड़ी पीठ के समक्ष भेजा है—क्या दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (Insolvency and Bankruptcy Code-IBC), 2016 के तहत चल रही व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही के दौरान किसी व्यक्ति के विरुद्ध लंबित चेक बाउंस (Cheque Bounce) का मामला रोका जा सकता है?
विवाद का आधार
- IBC की धारा 96 और 101 के तहत दिवाला आवेदन दायर होने पर देनदार के विरुद्ध ऋण वसूली संबंधी कार्यवाहियों पर अस्थायी या पूर्ण मोराटोरियम (Moratorium) लागू हो जाता है। इसका उद्देश्य सभी लेनदारों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है।
- वहीं, परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (Negotiable ....
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