लोक सेवा में सत्यनिष्ठा की भूमिका
सत्यनिष्ठा का अर्थ है, विचार, वाणी तथा कर्म के बीच ‘सुसंगतता’ (Consistency) का होना। एक सत्यनिष्ठ व्यक्ती जो सोचता है, वही बोलता है तथा वही करता भी है। प्राचीन संस्कृत साहित्य में ‘मनसा, वाचा, कर्मणा’ की अभिव्यक्ती के माध्यम से सत्यनिष्ठा की अवधारणा को स्पष्टता से समझा जा सकता है।
- सत्यनिष्ठा को अंग्रेजी भाषा में ‘इंटेग्रिटी’ (Integrity) कहते हैं, जिसकी उत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘इन्टिगर’ (Integer) शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है, संपूर्ण या पूरा होना। मन, वचन तथा कर्मों के बीच ‘तारतम्यता’ (Compatibility) से ही व्यक्तित्व संपूर्ण होता है तथा इसी को सत्यनिष्ठा कहते हैं।
- सत्यनिष्ठा कोई एकल विशेषता ....
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