करुणा (Compassion)
| क्षेत्र | विवरण |
| परिभाषा एवं उदाहरण | करुणा (Compassion) का अर्थ है दूसरे के दुःख को महसूस करना और उसे दूर करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करना। यह सहानुभूति (दुःख को समझना) से एक कदम आगे है – यह दुःख निवारण हेतु ठोस प्रयास है। उदाहरण: एक अधिकारी का कुपोषित बच्चे को देखकर न केवल रोना, बल्कि उसके लिए पोषाहार योजना शुरू करना। |
| यूपीएससी परिप्रेक्ष्य | UPSC 2019 के प्रश्न “कमज़ोर तबके के प्रति दया कमज़ोरी की नहीं बल्कि ताकत .... |
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 3 सहिष्णुता (Tolerance)
- 4 सहानुभूति (Empathy)
- 5 नवाचार और रचनात्मकता
- 6 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 7 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 9 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
- 10 सत्यनिष्ठा (Integrity)
मुख्य विशेष
- 1 नीतिशास्त्र का अर्थ
- 2 नीतिशास्त्र का सारतत्व
- 3 नीतिशास्त्र के निर्धारक
- 4 नीतिशास्त्र के परिणाम
- 5 मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र और इसके आयाम
- 6 मानवीय क्रियाओं की नैतिकता के अनिवार्य तत्व
- 7 नीतिशास्त्र के प्रमुख आयाम
- 8 आधुनिक समय में नीतिशास्त्र के नए आयाम
- 9 निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र
- 10 सार्वजनिक संबंधों में नैतिकता
- 11 निजी बनाम सार्वजनिक नैतिकता का संघर्ष
- 12 हितों का संघर्ष – प्रबंधन
- 13 नैतिकता की एकरूपता
- 14 मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन से सीख
- 15 महान नेताओं से सीख
- 16 समाज सुधारकों से सीख
- 17 कुशल प्रशासकों से सीख
- 18 प्रमुख भारतीय विचारकों और नेताओं के दर्शन/योगदान
- 19 प्रमुख भारतीय विचारकों और नेताओं के उद्धरणों की सूची
- 20 प्रमुख वैश्विक विचारकों और नेताओं के दर्शन/योगदान
- 21 प्रमुख वैश्विक विचारकों और नेताओं के उद्धरणों की सूची
- 22 मूल्यों को विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका
- 23 भारतीय नैतिक विचारक
- 24 प्राचीन भारतीय विचारक
- 25 मध्यकालीन/भक्ति आंदोलन के विचारक
- 26 आधुनिक भारतीय विचारक
- 27 भारतीय विचारकों की समकालीन प्रासंगिकता
- 28 भारतीय नैतिक विचारक
- 29 मध्यकालीन / भक्ति आंदोलन के विचारक
- 30 आधुनिक भारतीय विचारक
- 31 विश्व के दार्शनिक और उनके योगदान
- 32 आधुनिक पश्चिमी दार्शनिक
- 33 सामाजिक और राजनीतिक न्याय के दार्शनिक
- 34 मनोवैज्ञानिक विचारक
- 35 प्राचीन पश्चिमी दार्शनिक
- 36 आधुनिक पश्चिमी दार्शनिक
- 37 अभिवृत्ति की अवधारणा
- 38 अभिवृत्ति की संरचना
- 39 अभिवृत्ति के आयाम
- 40 अभिवृत्ति के कार्य
- 41 विचार और व्यवहार के साथ अभिवृत्ति का संबंध और प्रभाव
- 42 अभिवृत्ति और व्यवहार का संबंध
- 43 व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारक
- 44 संज्ञानात्मक विसंगति (Cognitive Dissonance)
- 45 अभिवृत्ति परिवर्तन की प्रक्रिया (Process of Attitude Change)
- 46 नैतिक अभिवृत्ति
- 47 राजनीतिक अभिवृत्ति
- 48 राजनीतिक तटस्थता
- 49 सामाजिक प्रभाव
- 50 अनुनय
- 51 लोक प्रशासन में अनुनय के अनुप्रयोग
- 52 प्रचार बनाम अनुनय
- 53 सिविल सेवा के बुनियादी मूल्य – सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता
- 54 सत्यनिष्ठा (Integrity)
- 55 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
- 56 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 57 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 58 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 59 नवाचार और रचनात्मकता
- 60 सहानुभूति (Empathy)
- 61 सहिष्णुता (Tolerance)
- 62 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 63 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)

