प्राचीन पश्चिमी दार्शनिक
| दार्शनिक | मुख्य दर्शन / नैतिक‑सिद्धांत | प्रासंगिकता |
| प्लेटो | कल्याण‑राज्य, Philosopher‑king, न्याय‑आधारित governance | - नैतिक‑प्रशासनिक नेतृत्व में “सर्वोच्च नौकरशाह आदर्श” के रूप में प्लेटोकेंद्रित विचार |
| अरस्तू | Virtue Ethics, मध्यम मार्ग, practical wisdom | - नैतिक मूल्य “आदत‑आधारित” हैं; नौकरशाहों में आदत-आधारित प्रशिक्षण आवश्यक |
| सुकरात | आत्म‑परीक्षा, ज्ञान‑आधारित नैतिकता | - स्वपरिक्षण , नैतिक self‑reflection का आदर्श; नौकरशाही में “नैतिक ऑडिट ” जैसे विचार |
| एपिक्यूरस | सुखवाद ‑आधारित नैतिकता .... |
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 3 करुणा (Compassion)
- 4 सहिष्णुता (Tolerance)
- 5 सहानुभूति (Empathy)
- 6 नवाचार और रचनात्मकता
- 7 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 9 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 10 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)

