नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
| क्षेत्र | विवरण |
| परिभाषा एवं उदाहरण | नैतिक तर्क (Moral Reasoning) वह सचेतन, विश्लेषणात्मक और तार्किक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति किसी नैतिक समस्या को सुलझाने के लिए तथ्यों, सिद्धांतों, परिणामों और नियमों का व्यवस्थित रूप से मूल्यांकन करता है। यह ‘कदम-दर-कदम’ (Step-by-step) विधि है। उदाहरण: एक डीएम का बाढ़ राहत में यह तय करना कि किस गाँव को पहले सहायता दी जाए – इसके लिए वह जनसंख्या, क्षति की गंभीरता और संसाधनों का तर्कपूर्ण विश्लेषण करता है। |
| यूपीएससी परिप्रेक्ष्य | प्रश्न: “नैतिक दुविधा के समाधान हेतु .... |
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 2 करुणा (Compassion)
- 3 सहिष्णुता (Tolerance)
- 4 सहानुभूति (Empathy)
- 5 नवाचार और रचनात्मकता
- 6 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 7 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 9 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
- 10 सत्यनिष्ठा (Integrity)

