मानवीय क्रियाओं की नैतिकता के अनिवार्य तत्व
| शीर्षक | विवरण |
| परिभाषा | मानवीय क्रियाओंकी नैतिकता के अनिवार्य तत्व (Essential Elements of Morality in Human Actions) वे आधारभूत घटक हैं, जिनके अभाव में किसी क्रियाका नैतिक मूल्यांकनअसंभव हो जाताहै। इनमें ज्ञान (Knowledge), स्वतंत्रता (Freedom) एवं स्वैच्छिकता (Voluntariness) प्रमुखहैं। |
| उदाहरण | एक डॉक्टरद्वारा मरीज की सहमति (Informed Consent) के बिना कियागया उपचार अनैतिकमाना जाएगा, क्योंकि इसमें ज्ञानऔर स्वतंत्रता का अभाव है। |
| यूपीएससी परिप्रेक्ष्य | यूपीएससी प्रायःउन परिस्थितियों पर प्रश्न पूछताहै जहाँ क्रियाएँदिखने में अनैतिकलगें, किन्तु वास्तवमें .... |
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 गांधीवादी नैतिकता एवं इसकी प्रासंगिकता
- 2 सुशासन में पारदर्शिता का महत्व
- 3 लोक सेवा में सत्यनिष्ठा की भूमिका
- 4 सिविल सेवा में भावनात्मक बुद्धिमत्ता की भूमिका
- 5 सहभागी, समावेशी एवं धारणीय कॉर्पोरेट गवर्नेंस: महत्व एवं मुद्दे
- 6 भगवान महावीर की शिक्षाएं: वर्तमान में प्रासंगिकता
- 7 लोक सेवा में मूल्य एवं इसका महत्व
- 8 मानव जीन एडिटिंग: नैतिक मुद्दे एवं समाधान
- 9 वर्तमान वैश्विक चुनौतियों से व्युत्पन्न नैतिक मुद्दे
- 10 वर्तमान परिदृश्य में व्यावसायिक नैतिकता
मुख्य विशेष
- 1 नीतिशास्त्र का अर्थ
- 2 नीतिशास्त्र का सारतत्व
- 3 नीतिशास्त्र के निर्धारक
- 4 नीतिशास्त्र के परिणाम
- 5 मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र और इसके आयाम
- 6 नीतिशास्त्र के प्रमुख आयाम
- 7 आधुनिक समय में नीतिशास्त्र के नए आयाम
- 8 निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र
- 9 सार्वजनिक संबंधों में नैतिकता
- 10 निजी बनाम सार्वजनिक नैतिकता का संघर्ष
- 11 हितों का संघर्ष – प्रबंधन
- 12 नैतिकता की एकरूपता
- 13 मानवीय मूल्य – महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन से सीख
- 14 महान नेताओं से सीख
- 15 समाज सुधारकों से सीख
- 16 कुशल प्रशासकों से सीख
- 17 प्रमुख भारतीय विचारकों और नेताओं के दर्शन/योगदान
- 18 प्रमुख भारतीय विचारकों और नेताओं के उद्धरणों की सूची
- 19 प्रमुख वैश्विक विचारकों और नेताओं के दर्शन/योगदान
- 20 प्रमुख वैश्विक विचारकों और नेताओं के उद्धरणों की सूची
- 21 मूल्यों को विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका
- 22 भारतीय नैतिक विचारक
- 23 प्राचीन भारतीय विचारक
- 24 मध्यकालीन/भक्ति आंदोलन के विचारक
- 25 आधुनिक भारतीय विचारक
- 26 भारतीय विचारकों की समकालीन प्रासंगिकता
- 27 भारतीय नैतिक विचारक
- 28 मध्यकालीन / भक्ति आंदोलन के विचारक
- 29 आधुनिक भारतीय विचारक
- 30 विश्व के दार्शनिक और उनके योगदान
- 31 आधुनिक पश्चिमी दार्शनिक
- 32 सामाजिक और राजनीतिक न्याय के दार्शनिक
- 33 मनोवैज्ञानिक विचारक
- 34 प्राचीन पश्चिमी दार्शनिक
- 35 आधुनिक पश्चिमी दार्शनिक
- 36 अभिवृत्ति की अवधारणा
- 37 अभिवृत्ति की संरचना
- 38 अभिवृत्ति के आयाम
- 39 अभिवृत्ति के कार्य
- 40 विचार और व्यवहार के साथ अभिवृत्ति का संबंध और प्रभाव
- 41 अभिवृत्ति और व्यवहार का संबंध
- 42 व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारक
- 43 संज्ञानात्मक विसंगति (Cognitive Dissonance)
- 44 अभिवृत्ति परिवर्तन की प्रक्रिया (Process of Attitude Change)
- 45 नैतिक अभिवृत्ति
- 46 राजनीतिक अभिवृत्ति
- 47 राजनीतिक तटस्थता
- 48 सामाजिक प्रभाव
- 49 अनुनय
- 50 लोक प्रशासन में अनुनय के अनुप्रयोग
- 51 प्रचार बनाम अनुनय
- 52 सिविल सेवा के बुनियादी मूल्य – सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता
- 53 सत्यनिष्ठा (Integrity)
- 54 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
- 55 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 56 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 57 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 58 नवाचार और रचनात्मकता
- 59 सहानुभूति (Empathy)
- 60 सहिष्णुता (Tolerance)
- 61 करुणा (Compassion)
- 62 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 63 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)

