भारतीय विचारकों की समकालीन प्रासंगिकता

शीर्षक

विवरण

परिभाषा

समकालीन प्रासंगिकता (Contemporary Relevance) से तात्पर्य वर्तमान प्रशासनिक, सामाजिक एवं वैश्विक चुनौतियों में प्राचीन, मध्यकालीन एवं आधुनिक भारतीय विचारकों के सिद्धांतों के प्रयोग से है। ये सिद्धांत शासन, पर्यावरण, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और व्यक्तिगत नैतिकता के क्षेत्रों में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं।

उदाहरण

चाणक्य का दंड नीति पर बल और 'प्रजा सुखे सुखं राज्ञः' का सिद्धांत आधुनिक जन-केंद्रित प्रशासन और सुशासन की आधारशिला है।

यूपीएससी परिप्रेक्ष्य

UPSC प्रश्न: "भारतीय ....

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