मध्यकालीन/भक्ति आंदोलन के विचारक

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शीर्षक

विवरण

परिभाषा

मध्यकालीन भक्ति आंदोलन (15वीं-17वीं शताब्दी) के विचारकों – संत कबीर, गुरु नानक देव, संत तुलसीदास, मीराबाई एवं सूफी संतों – ने सामाजिक समरसता, जाति-बंधनों से मुक्ति, एकेश्वरवाद एवं मानव-प्रेम का संदेश दिया। इन्होंने धार्मिक कट्टरता एवं सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाई।

यूपीएससी परिप्रेक्ष्य

UPSC प्रश्न: "भक्ति आंदोलन के संतों ने सामाजिक चेतना एवं नैतिकता को किस प्रकार प्रभावित किया?" (2017) –( समानता, सहिष्णुता एवं करुणा के मूल्यों का प्रशासनिक प्रासंगिकता से विश्लेषण।)

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