नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
| क्षेत्र | विवरण |
| परिभाषा एवं उदाहरण | नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition) वह तात्कालिक, सहज और अचेतन नैतिक निर्णय है जो बिना किसी सचेतन तर्क या विश्लेषण के मन में उभरता है। यह निर्णय ‘पलक झपकते’ ही आ जाता है, मानो ‘आंतरिक आवाज’ (Inner Voice) बता रही हो कि क्या सही और क्या गलत है। उदाहरण: किसी डूबते बच्चे को देखकर बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए कूद पड़ना – यह एक सहज नैतिक अंतःप्रज्ञा है। |
| यूपीएससी परिप्रेक्ष्य | प्रश्न: “नैतिक अंतःप्रज्ञा और नैतिक .... |
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 करुणा (Compassion)
- 3 सहिष्णुता (Tolerance)
- 4 सहानुभूति (Empathy)
- 5 नवाचार और रचनात्मकता
- 6 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 7 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 9 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
- 10 सत्यनिष्ठा (Integrity)

