मूल्यों को विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका
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परिवार की भूमिका |
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शीर्षक |
विवरण |
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परिभाषा |
परिवार (Family) मूल्यों का प्रथम एवं सबसे प्रभावशाली शिक्षक है। यह बच्चे को प्रेम, विश्वास, सम्मान, कर्तव्यनिष्ठा एवं सहानुभूति जैसे मूलभूत मानवीय मूल्यों का प्रारंभिक ज्ञान देता है। माता-पिता एवं बड़ों का व्यवहार ही बच्चे के नैतिक चरित्र की नींव रखता है। |
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उदाहरण |
माता-पिता द्वारा बुजुर्गों की सेवा करते देख बच्चा भी आदर और करुणा का मूल्य सीखता है। |
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यूपीएससी परिप्रेक्ष्य |
UPSC प्रश्न: "परिवार के संस्कार एक सिविल सेवक के नैतिक चरित्र को कैसे प्रभावित करते हैं?" (2014, 2017) –( परिवार को मूल्यों के प्राथमिक स्रोत के रूप में देखा जाता है।) |
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समान अवधारणाओं से .... | |
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 3 करुणा (Compassion)
- 4 सहिष्णुता (Tolerance)
- 5 सहानुभूति (Empathy)
- 6 नवाचार और रचनात्मकता
- 7 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 9 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 10 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)

