आधुनिक पश्चिमी दार्शनिक
| शीर्षक | विवरण |
| परिभाषा | आधुनिक पश्चिमी दार्शनिकों में इमैनुएल कांट, जॉन स्टुअर्ट मिल, थॉमस एक्विनास और जीन-पॉल सार्त्र प्रमुख हैं। इन्होंने कर्तव्य, परिणाम, प्राकृतिक नियम एवं अस्तित्ववाद के आधार पर नैतिक सिद्धांत प्रतिपादित किए। ये सिद्धांत प्रशासनिक निर्णयन, नीति-निर्माण एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के दार्शनिक आधार प्रदान करते हैं। |
| उदाहरण | कांट का 'श्रेणीबद्ध अनिवार्यता' (Categorical Imperative) – कर्तव्य के लिए कर्तव्य, बिना किसी शर्त के। मिल का 'उपयोगितावाद' – अधिकतम लोगों के लिए अधिकतम सुख। |
| यूपीएससी परिप्रेक्ष्य .... |
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 3 करुणा (Compassion)
- 4 सहिष्णुता (Tolerance)
- 5 सहानुभूति (Empathy)
- 6 नवाचार और रचनात्मकता
- 7 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 9 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 10 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)

