राष्ट्रीय अखंडता का सुदृढ़ीकरण
भारत एक विशाल देश है जहाँ विभिन्न धर्म, जाति, नस्ल, भाषा के व्यक्ती बिना किसी मतभेद के एक साथ रहते हैं। परन्तु समय-समय पर निहित स्वार्थ समूहों द्वारा राष्ट्रीय अखंडता के समक्ष चुनौती उत्पन्न की जाती है।
- इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय अखंडता को बढ़ावा देने के कदम अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते है। इसकी आवश्यकता को समझते हुए अक्टूबर 1961 में तात्कालिक प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु द्वारा राष्ट्रीय अखंडता सम्मेलन (National Integration Conference) का आयोजन किया गया। इसके द्वारा राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने के विभिन्न सुझाव दिए गए।
राष्ट्रीय अखंडता को बढ़ावा देने के उपाय
- धर्मनिरपेक्षता को ....
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