अंतरिक्ष शासन एवं वैश्विक मानदंड: संधि-विहीन क्षेत्र में भारत की भूमिका
अंतरिक्ष अभिशासन (Space governance) का तात्पर्य उन प्रशासनिक, कानूनी एवं नियामक ढाँचों से है, जो बाह्य अंतरिक्ष (Outer space) की गतिविधियों का प्रबंधन करते हैं। इसका उद्देश्य कक्षीय संघर्ष (Orbital conflict) को रोकते हुए “दीर्घकालिक स्थिरता”, परिचालन की सुरक्षा और सभी राष्ट्रों के लिए समान पहुँच सुनिश्चित करना है।
विद्यमान वैश्विक मानदंड
- वर्तमान अभिशासन पुरानी संधियों और गैर-बाध्यकारी समझौतों के एक अस्थिर ढाँचे पर निर्भर है:
- बाह्य अंतरिक्ष संधि (1967): इसे अंतरिक्ष का “संविधान” कहा जाता है; यह सामूहिक विनाश के हथियारों और क्षेत्रीय दावों को प्रतिबंधित करती है।
- लायबिलिटी कन्वेंशन (1972): यह स्थापित करता है कि प्रक्षेपण करने वाले राष्ट्र अपने ....
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