रैनसमवेयर: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर संकट

रैनसमवेयर अब केवल एक साइबर अपराध नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा बन चुका है। यह महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, सरकारी प्रणालियों और रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है। भारत में एम्स (AIIMS), दिल्ली पर हुए साइबर हमले जैसी हाई-प्रोफाइल घटनाओं ने हमारी डिजिटल सुरक्षा की कमियों को उजागर किया है।

रैनसमवेयर की कार्यप्रणाली

  • एन्क्रिप्शन-आधारित हमले: मालवेयर महत्वपूर्ण डेटा को “लॉक” (एन्क्रिप्ट) कर देता है और उसे खोलने के बदले फिरौती (अक्सर क्रिप्टोकरेंसी में) मांगी जाती है।
  • दोहरी जबरन वसूली (Double Extortion): डेटा को केवल लॉक ही नहीं किया जाता, बल्कि उसे चुराकर सार्वजनिक करने की धमकी भी दी जाती है, ....

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