नार्को-आतंकवाद संबंध
नार्को-आतंकवाद मादक द्रव्यों की तस्करी और आतंकी/विद्रोही समूहों के बीच के अभिसरण (Convergence) को दर्शाता है, जहाँ नशीले पदार्थों से प्राप्त आय का उपयोग हिंसा को वित्तपोषित करने और परिचालन को बनाए रखने के लिए किया जाता है।
- गोल्डन क्रिसेंट (अफगानिस्तान-पाकिस्तान-ईरान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार-लाओस-थाईलैंड) के साथ भारत की निकटता इसे ऐसे संबंधों के प्रति संवेदनशील बनाती है।
मादक पदार्थों का व्यापार एवं विद्रोह का वित्तपोषण
- प्राथमिक राजस्व स्रोत: विद्रोही समूह धन जुटाने के लिए मादक द्रव्यों के उत्पादन, पारगमन शुल्क और सुरक्षा रैकेट का उपयोग करते हैं (गृह मंत्रालय के वामपंथी उग्रवाद/पूर्वोत्तर आकलन के अनुसार)।
- सीमा पार तस्करी मार्ग: पश्चिमी गलियारा ....
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