मुक्त आवागमन व्यवस्था: पूर्वोत्तर में सुरक्षा चुनौतियां

भारत–म्यांमार सीमा पर लागू मुक्त आवागमन व्यवस्था (Free Movement Regime – FMR) सीमा क्षेत्र के निवासियों को बिना वीज़ा आवागमन की अनुमति देती है, जो ऐतिहासिक एवं जातीय-सांस्कृतिक संबंधों को प्रतिबिंबित करती है। किंतु इसके दुरुपयोग ने उत्तर-पूर्व में आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन से जुड़ी गंभीर चिंताओं को जन्म दिया है।

FMR की रूपरेखा और तर्क

  • ऐतिहासिक-सांस्कृतिक आधार: नागा, मिजो और कूकी-चिन जैसी जनजातियाँ सीमा के दोनों ओर निवास करती हैं, जिससे लचीले आवागमन की आवश्यकता उत्पन्न हुई।
  • परिचालन प्रावधान: गृह मंत्रालय (MHA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्थानीय परमिट के साथ सीमा के पार 16 किमी तक आवाजाही की अनुमति ....

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